October 5, 2022
Vyaparik Bank Kise Kahate Hain

व्यापारिक बैंक किसे कहते हैं ? | Vyaparik Bank Kise Kahate Hain

Vyaparik bank kise kahate hain :- लगभग सभी व्यापारी अक्सर बैंकों से कई तरह के लेन-देन करते रहते है साथ ही ऋण भी लेते है।

व्यापारी जब भी समान्य बैंक द्वारा ऋण लेते है उन्हे अधिक ब्याज दर चुकाना पड़ता है इसलिए व्यापारियों के लिए एक अलग व्यापारिक बैंक बनाए गए है, परंतु कई व्यापारियों को इस बैंक के बारे मे जानकारी नहीं होती है।

इसलिए आज के लेख मे हम आपको बताएँगे की Vyaparik bank kise kahate hain ? यदि आप व्यापारी है और व्यापारिक से संबन्धित जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो इस लेख को अवश्य पढ़ें।


व्यापारिक बैंक किसे कहते है ? ( Vyaparik bank kise kahate hain ) 

व्यापारिक बैंक ऐसे बैंक होते हैं, जो विशेष रूप से व्यापारियों, उद्यमियों और कंपनियों को कार्य करने के लिए कुछ समय के लिए लोन उपलब्ध करवाते हैं।

अर्थात व्यापारिक बैंक वह वित्तीय संस्था है, जो लोगों के रुपयों को अपने पास जमा करती हैं और उनको उपभोग तथा निवेश के लिए उधार देती है। साथ ही यह बैंक व्यापारियों के मुद्रा लेन-देन को आसान बनती है।

ये बैंक बैंकिंग नियमन अधिनियम के अनुसार संचालित किए जाते हैं। ये बैंक ज्यादातर व्यापारियों तथा उन लोगों को लोन देते हैं जिन्हें लोन की जरूरत होती है।

व्यापारिक बैंक सभी तरह के बैंकिंग कार्य करने में सक्षम होते हैं, जैसे -जमा स्वीकार करना, वित्तीय सलाह देना और ऋण देना आदि।


कुछ व्यापरिक बैंकों के नाम ( Name of Commercial Banks )

भारतीय स्टेट बैंक एक सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक हैं, जिसकी स्थापना एक विशेष अधिनियम के अनुसार की गई। भारतीय अर्थव्यवस्था के निरंतर विकास में के लिए  व्यापारिक बैंक का बहुत महत्व है इसलिए भारतीय स्टेट बैंक इसमे एक अहम भूमिका निभाता है।

कुछ व्यापारिक बैंक इस प्रकार हैं :-

  • भारतीय स्टेट बैंक
  • एक्सिस बैंक
  • पंजाब नेशनल बैंक
  • केनरा बैंक
  • कॉर्पोरेशन बैंक
  • ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स

ऊपर दिए गए बैंको में से कुछ बैंक merge हो चुके हैं।


व्यापारिक बैंकों के प्रकार ( Types Of Commercial Banks )

ऊपर हमने Vyaparik Bank Kise Kahate Hain के बारे में बताया , अब हम व्यापारिक बैंकों के प्रकार ( Types Of Commercial Banks ) के बारे में जानते है।

रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के अनुसार  व्यापारिक बैंकों को दो भागों में बांटा जाता है :-

  1. अनुसूचित बैंक (scheduled bank)
  2. गैर अनुसूचित बैंक ( Non-scheduled bank)

1. अनुसूचित बैंक

अनुसूचित बैंक वे बैंक हैं, जो रिजर्व बैंक अधिनियम की द्वितीय तालिका में सम्मिलित हैं ।

कुछ अनुसूचित बैंक इस प्रकार हैं –

  • भारतीय स्टेट बैंक
  • एक्सिस बैंक
  • पंजाब नेशनल बैंक
  • केनरा बैंक
  • कॉर्पोरेशन बैंक
  • ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स
  • आंध्रा बैंक
  • इलाहाबाद बैंक
  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • बैंक ऑफ इंडिया
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  • सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  • देना बैंक
  • इंडियन ओवरसीज बैंक
  • पंजाब और सिंध बैंक
  • सिडिकेट बैंक
  • यूको बैंक
  • विजया बैंक
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
  • बंधन बैंक।

2. गैर अनुसूचित बैंक

गैर अनुसूचित बैंक वे बैंक हैं जो रिजर्व बैंक अधिनियम की द्वितीय तालिका में सम्मिलित नहीं है।

गैर अनुसूचित बैंक के प्रकार हैं –

गैर अनुसूचित राज्य सहाकारी बैंक

  • अंडमान निकोबार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड
  • चंडीगढ़ राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड
  • झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड
  • मणिपुर राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड
  • मिजोरम शीर्षस्तरीय सहकारी बैंक लिमिटेड
  • नागालैंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड
  • सिक्किम राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड।

गैर अनुसूचित शहरी सहकारी बैंक 

  • अखंड आनंद सहकारी बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद
  • अल्वी सहकारी बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद
  • अमरनाथ सहकारी बैंक लिमिटेड,अहमदाबाद
  • नगर सहकारी बैंक लिमिटेड गोरखपुर
  • दुगली सहकारी साख बैंक लिमिटेड , कोलकाता
  • गणेश सहकारी बैंक लिमिटेड।

व्यापारिक बैंकों के कार्य ( Work of Commercial Bank )

व्यापारिक बैंको के कई तरह के कार्य होते है, जो की निम्न प्रकार से हैं-

मुख्य कार्य 

  • जमा स्वीकार करना
  • ऋण देना

एजेंसी कार्य 

  • ग्राहकों के पक्ष से भूगतान करना
  • ग्राहकों के पक्ष से भूगतान स्वीकार करना
  • प्रतिभूतियों को खरीदना व बेचना
  • धन हस्तांतरित करना
  • अभिगोपन करना
  • संरक्षक के रुप में कार्य करना
  • वित्तीय सलाह देना।

अन्य कार्य

  • सचल संपतियों को गिरवी रखना
  • विदेशी मुद्रा को देसी मुद्रा में बदलना
  • साख पत्र उपलब्ध करवाना
  • प्रशिक्षण कार्य
  • बैंकिंग आंकड़े प्रदर्शित करना
  • दान स्वीकार करना
  • सामाजिक कार्य करना
  • रोजगार सृजन करना।

व्यापारिक बैंकों का महत्व ( Significance of Commercial Banks )

ऊपर हमने Vyaparik Bank Kise Kahate Hain के बारे में बताया , अब हम व्यापारिक बैंकों का महत्व ( Significance of Commercial Banks ) के बारे में जानते है।

1. बचत की आदत का विकास करना

जनता से जमा स्वीकार करना बैंकों का मुख्य कार्य होता है। बैंक जमा धन से लाभ कमाते हैं और जमा धन के लिए एक निश्चित दर पर ब्याज भी देते हैं।

जिस कारण सभी  बैंक व्यापारीयों में बचत करने के लिए धन जमा करते हैं और बचत की भावना का विकास होता है जो राष्ट्र निर्माण में सहायक होता है।

2. पूंजी निर्माण

सभी लोग अपने द्वारा कमाए गए धन को बचाने के लिए बैंकों में विभिन्न खातों की सहायता से जमा करते हैं ।

बैंकों में जमा किया गया धन एक निश्चित समय के लिए खजाने के रूप में जमा हो जाता है, जिसे पूंजी के रुप में अनेक चीजों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार बैंक पूंजी निर्माण का कार्य करते हैं ।

3. साख निर्माण करना 

बैंक मुख्य रूप से जनता से जमा स्वीकार करते हैं तथा ऋण देते हैं, जिससे जनता का बैंको में विश्वास बन जाता है। इसी विश्वास को साख कहते हैं। इस प्रकार बैंक साख का निर्माण करते हैं।

4. व्यवसाय को बढ़ावा देना

जब कोई व्यवसायी अपने व्यवसाय को शुरू करता है तो उसे पूंजी की आवश्यकता होती है जिसे जुटाने के लिए वह अनेक तरीके आजमाता हैं, जिनमें से बैंक से ऋण लेना भी एक तरीका है ।

वह बैंकों से निश्चित ब्याज दरों पर ऋण लेता है। इस प्रकार बैंक व्यवसाय को बढ़ाने में सहायक है।

5. मौद्रिक नीति में लॉच बनाए रखना

सभी बैंक बैंकिंग अधिनियम के अनुसार कार्य करते हैं और समय समय पर संशोधित नियमों का पालन करते हैं ।

केंद्रीय बैंक नोट छापने का कार्य करते हैं जब कभी बैंकों को लगता है, कि जनता के पास बहुत ज्यादा नकद राशि है जिससे मुद्रा सफीति की समस्या आ सकती है तो बैंक कुछ साख पत्र जारी करके उस राशि को जमा कर लेते हैं ।

6. ग्राहकों को वित्तीय सलाह देना

आज के समय में व्यवसाय को चलाने के लिए पूंजी के साथ साथ एक अच्छे बजट की भी जरूरत होती हैं जिसके बिना कोई भी व्यवसाय अधिक समय तक बाजार में नहीं चल सकता।

इसी समस्या के समाधान के लिए विकास और विनियोग बैंकों का निर्माण किया गया जिससे ये बैंक जनता को वित्तीय सलाह देते हैं और जिससे देश का आर्थिक विकास होता है।

7. जीवनसतर सुधारने में सहायक

बैंक सामान्य कार्यों के साथ नई शाखाएं भी खोलते हैं, जो रोजगार को बढ़ाने में सहायक होते हैं और सरकारी बैंको में ऋण माफी से गरीब किसानो का जीवन स्तर सुधरता हैं ।

बैंक सरकार के निर्देश अनुसार स्टूडेंट को पढ़ाई के लिए भी लोन देते हैं जिससे देश का विकास होता है और लोगों का जीवन स्तर सुधरता है।


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निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने आपको Vyaparik Bank Kaise Kahate Hain के बारे में जानकारी दी है।

अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई सवाल है तो वो भी आप हम से कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकते है।


FAQ :

प्रश्न1 : व्यापारिक बैंक किसे कहते है ?

उत्तर : व्यापारिक बैंक ऐसे बैंक होते हैं जो विशेष रूप से व्यापारियों, 
उद्यमियों और कंपनियों को कार्य करने के लिए कुछ समय के लिए लोन उपलब्ध करवाते हैं।

प्रश्न2 : व्यापारिक बैंक कितने प्रकार के होते हैं ?

उत्तर : व्यापारिक बैंक दो प्रकार के होते हैं - अनुसूचित और गैर अनुसूचित बैंक।

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